दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग मामले में निचली अदालत को दोबारा सुनवाई का आदेश -6 जनवरी को होगा फैसला

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रुद्रपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) आशुतोष मिश्रा ने दाण्डिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत को पीड़िता की याचिका पर पुनः सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत अब 6 जनवरी को गृह मंत्रालय में तैनात फौजी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।


मामला थाना ट्रांजिट कैंप क्षेत्र की एक विवाहिता से जुड़ा है। पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद ससुर की तबीयत खराब होने पर वह पति के साथ इलाज के लिए दिल्ली गई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कॉलेज के समय साथ पढ़े चन्द्रशेखर चौधरी उर्फ मोदी से हुई, जो नरौरा (बुलंदशहर) निवासी है और आरके पुरम फौजी कॉलोनी, दिल्ली में रहता है। आरोपी ने इलाज के दौरान मदद की और अपने घर पर रुकने का प्रस्ताव दिया, जिस पर पति की सहमति के बाद वे वहां ठहरे।

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पीड़िता का आरोप है कि 7 मार्च 2022 की रात आरोपी ने परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ पिलाकर सुला दिया। पीड़िता के मूर्छित होने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। होश में आने पर पूछने पर आरोपी ने पहले से प्रेम की बात कहकर अश्लील वीडियो बनाने और उसे सार्वजनिक करने की धमकी दी, जिसके बाद वह लगातार ब्लैकमेल करने लगा।

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पीड़िता के अनुसार, बाद में वह रुद्रपुर आकर रहने लगी, लेकिन आरोपी वहां भी दबाव बनाकर शारीरिक संबंध बनाने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने यूपी के बदमाशों को पांच लाख रुपये की सुपारी देकर जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच जब पति को रिश्तों की जानकारी हुई तो दंपती के बीच विवाद भी बढ़ गया। अंततः पीड़िता ने संबंध बनाने से इनकार किया तो आरोपी ने कथित वीडियो उसके पति और रिश्तेदारों को भेज दी।

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पीड़िता ने आरोप लगाया कि लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने एसीजेएम कोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी दी, लेकिन वहां भी संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए। तब पीड़िता ने एडीजे प्रथम की अदालत में दाण्डिक पुनरीक्षण याचिका दायर की। सुनवाई के बाद अदालत ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि 6 जनवरी को पीड़िता की याचिका पर पुनः सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाए।

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