पहाड़ की खेती को मिलेगा नया सहारा : 1000 करोड़ की योजना, फलों और मोटे अनाज पर 80% तक सब्सिडी
-मुख्यमंत्री का किसानों से आह्वान—आधुनिक तकनीक अपनाएं, सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ
देहरादून। उत्तराखंड सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को अधिक सशक्त और लाभकारी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में खेती का बड़ा हिस्सा वर्षा पर निर्भर है, जिससे किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के बीच खेती को सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फल उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति तथा स्टेट मिलेट मिशन लागू किया है। इन योजनाओं के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आधुनिक बागवानी और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त करने में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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