30 लाख में बिका NEET पेपर! डॉक्टर से खरीदा प्रश्नपत्र -700 छात्रों तक पहुंचा नेटवर्क, सीकर से देहरादून तक हड़कंप

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नई दिल्ली, 13 मई । कथित नीट-2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को लगातार चौंकाने वाले खुलासे मिल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था और परीक्षा से पहले ही लाखों रुपये में प्रश्नपत्र बेचे जा रहे थे। कई गिरफ्तारियों के बाद अब एजेंसियां पूरे सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी हैं।


सूत्रों के मुताबिक गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों—मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल—ने 26 और 27 अप्रैल को कथित तौर पर करीब 30 लाख रुपये में NEET का पेपर खरीदा। आरोप है कि दिनेश बिवाल ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसके बाद 29 अप्रैल को यही प्रश्नपत्र अन्य छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया।

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जांच एजेंसियों के अनुसार दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले वर्ष NEET में चयन हुआ था। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें करीब एक महीने पहले ही पेपर लीक होने की जानकारी मिल गई थी, जिसके आधार पर तैयारी की गई।


मामले में देहरादून से गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार मंडवारिया को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि राकेश ने करीब 700 छात्रों तक पेपर पहुंचाने का काम किया। बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र पहले डिजिटल माध्यम से साझा किया गया और बाद में उसका प्रिंट निकालकर बेचा गया।

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अब जांच एजेंसियां उन छात्रों और अभिभावकों की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने कथित तौर पर पैसे देकर प्रश्नपत्र हासिल किया था। मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग के बड़े केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला सीकर भी जांच एजेंसियों के रडार पर है।


जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों और कोचिंग संचालकों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप बना रखे थे, जिनके जरिए कथित तौर पर प्रश्नपत्र और उत्तर साझा किए गए। एजेंसियां इन ग्रुप्स के एडमिन और सदस्यों की डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।

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इस मामले में हरियाणा से यश यादव नामक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह छात्रों को पेपर बेचने वाले नेटवर्क का हिस्सा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र मूल स्रोत से कैसे लीक हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।


मामला सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की मांग की है।

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