हल्द्वानी स्टोन क्रेशर बिंदुखत्ता-लालकुआं में जनता का घोंट रहा दम -प्रदूषण, सड़कों का हुआ बुरा हाल!
लालकुआं/हल्द्वानी: बिंदुखत्ता और लालकुआं क्षेत्र में स्थित बहुचर्चित हल्द्वानी स्टोन क्रेशर स्थानीय निवासियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। धूल के गुबार, कान फाड़ देने वाला शोर और जहरीले गंदे पानी ने हजारों लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रशासन की चुप्पी से तंग आकर अब ग्रामीणों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।

घर बने ‘डस्टबिन’, शोर से थमी बच्चों की पढ़ाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्रेशर से उड़ने वाली बारीक धूल घरों के भीतर तक घुस रही है, जिससे खाने-पीने की चीजें दूषित हो रही हैं। लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और दमा जैसी गंभीर बीमारियों ने घेर लिया है। वहीं, भारी मशीनों और डंपरों के 24 घंटे शोर ने बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों का चैन छीन लिया है।

जर्जर सड़कें और बीमारियों का बढ़ा खतरा
ओवरलोड डंपरों की आवाजाही ने क्षेत्र की सड़कों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में महामारी फैलने की आशंका बनी हुई है। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह एक बड़ी जनस्वास्थ्य आपदा का रूप ले लेगी।
क्षेत्रवासियों की हुंकार: क्रेशर पर लगे लगाम”
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जोशी और दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षरित ज्ञापन में जिलाधिकारी नैनीताल से सख्त मांगें की गई हैं:
- स्टोन क्रेशर की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच हो।
- नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर क्रेशर को तत्काल बंद किया जाए।
- धूल रोकने के लिए पानी के छिड़काव और कवरिंग को अनिवार्य किया जाए।
- क्षतिग्रस्त सड़कों का तत्काल पुनर्निर्माण हो और ओवरलोडिंग पर रोक लगे।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com
उत्तराखंड…पंखे में उतरे करंट से आठवीं के छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम
उत्तराखंड…तेज रफ्तार स्कूल बस ने ली ग्रामीण की जान –=रामनगर में दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों ने उठाए सवाल