प्रधान संगठन का सरकार को अल्टीमेटम : 29 विषय पंचायतों को हस्तांतरित न हुए तो न्यायालय जाएंगे प्रधान
नैनीताल। जिला प्रधान संगठन की बैठक सोमवार को जिला अध्यक्ष गोपाल अधिकारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रधानों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन पैन डाउन कर अपनी मोहरें सरकार के समक्ष जमा करेगा और न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।
बैठक में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायती राज एक्ट में निर्धारित 29 विषयों को प्रभावी रूप से पंचायतों को हस्तांतरित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रधान संगठन ने कहा कि यदि सरकार 29 विषयों को पंचायतों को हस्तांतरित नहीं करती है तो संगठन न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
प्रधानों ने V-B-G RAM G योजना में श्रमिकों की उपस्थिति पूरी तरह ऑफलाइन किए जाने की मांग की। संगठन का कहना है कि उत्तराखंड पर्वतीय राज्य है और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती है। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना व्यवहारिक नहीं है। ऑफलाइन व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने में मदद मिलेगी। संगठन ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 600 रुपये प्रतिदिन और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग भी की।
बैठक में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में ग्राम प्रधानों की भूमिका तय करने, ताकि कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजना से वंचित न रहे, की मांग की गई। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में धन आवंटन के लिए केवल जनसंख्या को आधार न बनाकर क्षेत्रफल को भी प्रमुख आधार बनाने की मांग रखी गई।
प्रधान संगठन ने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भी विभाग द्वारा कराए जाने वाले कार्य के लिए ग्राम पंचायत की NOC अनिवार्य की जानी चाहिए। प्रधानों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में ग्राम पंचायत की भागीदारी और जानकारी सुनिश्चित होना जरूरी है।
बैठक में प्रधानों के मानदेय का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने मांग की कि प्रधानों को मानदेय राज्य वित्त से न देकर अलग मद में बजट की व्यवस्था कर सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
इसके अलावा 16वें वित्त की नई गाइडलाइन के तहत प्रत्येक परिवार से 100 रुपये प्रतिमाह टैक्स लगाने तथा टैक्स लागू नहीं होने पर ग्राम पंचायत के 16वें वित्त की धनराशि में प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत कटौती के आदेश में संशोधन की मांग की गई। संगठन ने ग्राम पंचायतों को टैक्स लागू करने की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की।
जिला अध्यक्ष गोपाल अधिकारी और ब्लॉक अध्यक्षों ने कहा कि संगठन जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य विकास अधिकारी से मुलाकात करेगा और इन सभी मांगों को उनके माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो जिला प्रधान संगठन आंदोलनात्मक कदम उठाने के साथ न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होगा।
बैठक में संरक्षक ललित मोहन नेगी, बेतालघाट अध्यक्ष जेडी कत्यूरा, ओखलकांडा अध्यक्ष मदन परगांई, कोटाबाग अध्यक्ष सुरेंद्र बोरा, रामगढ़ अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट, धारी अध्यक्ष हरीश गंगोला, रामनगर अध्यक्ष नवीन सती, भीमताल अध्यक्ष लक्ष्मण गंगोला, जिला उपाध्यक्ष बच्ची सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष निर्मला जग्गी पंवार समेत प्रधान किशन दरम्वाल, रमेश जोशी, सुरेंद्र मलवाल, हरेंद्र बिष्ट, हेम वारियाल आदि मौजूद रहे।
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