मनरेगा की जगह नया कानून लाने की तैयारी :100 की बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी -योजना से हटेगा महात्मा गांधी का नाम

खबर शेयर करें 👉

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ग्रामीण भारत की सबसे महत्वाकांक्षी रोजगार योजना मनरेगा के ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर उसकी जगह एक नया कानून लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में लोकसभा सदस्यों के बीच प्रस्तावित नए विधेयक की प्रति भी वितरित की जा चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, नए कानून का नाम ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ प्रस्तावित है। इस विधेयक का उद्देश्य ग्रामीण विकास को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ढालना बताया जा रहा है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...पंखे में उतरे करंट से आठवीं के छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम

प्रस्तावित विधेयक में ग्रामीण मजदूरों को बड़ी राहत देने का प्रावधान किया गया है। वर्तमान मनरेगा कानून के तहत जहां ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती है, वहीं नए कानून में इसे बढ़ाकर 125 दिन प्रति वित्तीय वर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है। यह गारंटी उन ग्रामीण परिवारों को मिलेगी, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक होंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तिकरण और आजीविका सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

संसद में इस विधेयक के पारित होने के बाद वर्ष 2005 में लागू मनरेगा अधिनियम को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया जाएगा। हालांकि, योजना के नाम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...एलपीजी गैस रिसाव से रेस्टोरेंट में भीषण आग --लाखों का सामान जलकर राख, बड़ा हादसा टला

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व इतिहास के महानतम नायकों में से एक हैं। ऐसे में उनके नाम को योजना से हटाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। विपक्ष इसे इतिहास बदलने की कोशिश बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि यह कदम भविष्य के भारत के निर्माण की दिशा में आवश्यक नीतिगत सुधार है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...तेज रफ्तार स्कूल बस ने ली ग्रामीण की जान --=रामनगर में दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों ने उठाए सवाल

गौरतलब है कि मनरेगा, जिसे पहले नरेगा कहा जाता था, वर्ष 2005 में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। यह दुनिया के सबसे बड़े रोजगार गारंटी कार्यक्रमों में शामिल है, जिसके तहत काम मांगने के 15 दिनों के भीतर रोजगार देना कानूनी बाध्यता है और ऐसा न होने पर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। वर्ष 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से लगभग 15.4 करोड़ सक्रिय श्रमिक जुड़े हुए हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि संसद में नए विधेयक के पेश होने पर सरकार विपक्ष के कड़े विरोध के बीच इसे किस तरह पारित कराती है।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119