सूचना क्रांति के शिल्पी थे राजीव गांधी, देश को आधुनिक भारत की दिशा देने वाले दूरदर्शी नेता : खष्टी बिष्ट
हल्द्वानी। पीसीसी उत्तराखंड की पूर्व दर्जा राज्य मंत्री खष्टी बिष्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राजीव गांधी आधुनिक भारत के सबसे दूरदर्शी और क्रांतिकारी नेताओं में शामिल थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में इंडिया लीडरशिप कॉन्क्लेव में राजीव गांधी को मरणोपरांत “आधुनिक भारत के क्रांतिकारी नेता” के सम्मान से सम्मानित किए जाने के बाद उनके मन में यह विचार आया कि पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर उन व्यक्तित्वों को याद किया जाना चाहिए जिन्होंने भारत के भविष्य को नई दिशा दी।
खष्टी बिष्ट ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद यदि राजनीति की उठापटक से अलग किसी भारतीय राजनेता का व्यक्तित्व अपनी सादगी, पारदर्शिता और दूरदर्शिता के कारण सबसे अलग दिखाई देता है तो वह राजीव गांधी का है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने राजनीति में चाटुकारिता और भाई-भतीजावाद को समाप्त करने का प्रयास किया तथा स्पष्ट कहा था कि “जो मंत्री काम करेगा उसे पुरस्कार मिलेगा और जो जनता और पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरेगा उसे हटाया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने पहली बार ऐसी व्यवस्था विकसित की जिसमें कोई भी मंत्री लंबे समय तक एक ही पद पर स्थिर नहीं रह सका। मंत्रिमंडल में लगातार बदलाव कर उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया तथा भ्रष्टाचार की जड़ों को समाप्त करने का प्रयास किया। राजनीतिक स्थिरता के लिए दल-बदल कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाकर उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य किया।
खष्टी बिष्ट ने कहा कि राजीव गांधी मानते थे कि “भारत को समझने के लिए भारत को जानना जरूरी है।” यही कारण था कि उनकी पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों में आम जनता से सीधा जुड़ाव दिखाई देता था। उन्होंने कहा कि उनकी विदेश नीति संतुलित, स्पष्ट और दूरदर्शी थी, जिसमें बिना किसी बैरभाव के सभी देशों से बेहतर संबंध स्थापित करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के नेतृत्व काल में देश संक्रमण के दौर से गुजर रहा था, जहां पारंपरिक व्यवस्थाओं और आधुनिक नवाचारों के बीच नई सोच की आवश्यकता थी। ऐसे समय में उन्होंने सूचना क्रांति की नींव रखकर भारत को तकनीकी युग में प्रवेश दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया।
खष्टी बिष्ट ने जापान की संसद में राजीव गांधी के ऐतिहासिक संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचारों ने उन्हें विश्व के महान नेताओं की श्रेणी में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने कहा था, “आइए, उन मानसिक विभाजकों को दूर करें जो शांति और समृद्धि में एक साथ जुड़े मानव परिवार की दृष्टि में बाधा डालते हैं। बुद्ध की करुणा का संदेश हमारे युग में मानव अस्तित्व की मूल शर्त है।”
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी जैसे महान नेता को उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए देश हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा, जिन्होंने भारत को सूचना क्रांति और आधुनिक विकास की राह दिखाई।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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