नेशनल हाईवे निर्माण के नाम पर आरक्षित वन भूमि से अवैध खनन का आरोप, छह डंपर सीज
सितारगंज। नेशनल हाईवे निर्माण में लगी कंपनी पर आरक्षित वन क्षेत्र से अवैध मिट्टी खनन का गंभीर आरोप सामने आया है। कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने कंपनी के छह डंपरों को सीज कर वन चौकी में खड़ा करा दिया है। अब मामले में अवैध खनन स्थल की संयुक्त पैमाइश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आरोप है कि बैगुल नदी पुल के समीप नेशनल हाईवे का निर्माण कर रही कंपनी आरसीएल द्वारा आरक्षित वन भूमि से अवैध रूप से मिट्टी का उठान किया गया। सूचना मिलने पर बाराकोली रेंजर कैलाश गुणवंत वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की।
प्राथमिक जांच में वन विभाग की टीम को वन भूमि से मिट्टी खनन के साक्ष्य मिले, जिसके बाद मौके पर मिट्टी ले जा रहे छह डंपरों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे निर्माण की आड़ में लंबे समय से मिट्टी का अवैध कारोबार किया जा रहा है। वहीं वन विभाग ने अवैध खनन स्थल की पैमाइश के लिए राजस्व विभाग से पत्राचार किया है। संयुक्त पैमाइश के बाद भूमि के वास्तविक स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इधर, हाईवे निर्माण कंपनी आरसीएल के जावेद खान ने बताया कि इस मामले में डीएफओ से बातचीत की गई है। वहीं रेंजर कैलाश गुणवंत ने बताया कि दोबारा पैमाइश के लिए आरसीएल के अधिकारी उच्चाधिकारियों से मिले हैं।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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