छोटे निर्यातकों को सरकार का बड़ा तोहफा -सस्ता मिलेगा कर्ज, गारंटी की टेंशन खत्म, एक्सपोर्ट बढ़ाने को दो नई स्कीमें लॉन्च

खबर शेयर करें 👉

नई दिल्ली। देश के छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने और निर्यात को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने नए साल में बड़ा कदम उठाया है। वाणिज्य मंत्रालय ने 2 जनवरी को एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) के तहत दो महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है, जिनका सीधा लाभ उन एमएसएमई निर्यातकों को मिलेगा जो विदेशों में अपना उत्पाद बेचते हैं या निर्यात की योजना बना रहे हैं।


इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य निर्यातकों को सस्ती दरों पर कर्ज उपलब्ध कराना, वित्तीय प्रक्रिया को आसान बनाना और उन्हें नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाना है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  UK-सिडकुल में दो अलग-अलग हादसे, दो कर्मचारियों की मौत -अज्ञात वाहन चालकों की तलाश में जुटी पुलिस


सरकार द्वारा लॉन्च की गई पहली योजना ‘इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम’ है। इसके तहत एमएसएमई निर्यातकों को प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट दोनों तरह के एक्सपोर्ट क्रेडिट पर ब्याज में बड़ी राहत मिलेगी। आमतौर पर बैंकों से कर्ज लेने पर एमएसएमई को 9.5 से 12.5 प्रतिशत तक ब्याज चुकाना पड़ता है, लेकिन इस योजना के लागू होने से उन्हें बाजार दरों से करीब 2.75 प्रतिशत कम ब्याज पर कर्ज मिल सकेगा।


यह योजना वर्ष 2025 से 2031 तक, यानी अगले छह वर्षों के लिए प्रभावी रहेगी। सरकार ने इसके लिए 5,181 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। कर्ज की ब्याज दर को रेपो रेट से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने संकेत दिए हैं कि पारंपरिक बाजारों से हटकर नए और उभरते देशों में निर्यात करने वाले कारोबारियों को भविष्य में अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  UKnews-मेलाघाट में एसएसबी की बड़ी कार्रवाई -7.5 कुंतल चीनी अखरोट बरामद


दूसरी बड़ी राहत ‘कोलैटरल सपोर्ट फॉर एक्सपोर्ट क्रेडिट’ योजना के रूप में दी गई है। इसके तहत अब एमएसएमई को बैंक से लोन लेने के लिए भारी-भरकम गारंटी देने या संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं होगी। कम कोलैटरल या थर्ड-पार्टी गारंटी के आधार पर भी एक्सपोर्ट लोन आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना सीजीटीएमएसई के माध्यम से लागू की जाएगी।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैरिफ के कारण कई छोटे निर्यातक दबाव महसूस कर रहे हैं। सरकार ने दिसंबर में ही 25,060 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को मंजूरी दी थी और ये नई योजनाएं उसी दिशा में उठाया गया ठोस कदम मानी जा रही हैं।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  UK-दलित दंपति का प्लॉट कब्जाने और मारपीट का आरोप -बिल्डर समेत चार पर मुकदमा


सरकार का फोकस खासतौर पर लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स पर रहेगा, जिससे रोजगार सृजन के साथ-साथ देश के निर्यात को भी मजबूती मिल सके।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119