गैस संकट पर सख्ती: कालाबाजारी करने वालों पर छापेमारी -जेल तक की चेतावनी
देहरादून। राजधानी में गहराते रसोई गैस संकट के बीच पूर्ति विभाग ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही पुलिस के सहयोग से पूरे जिले में विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि कमर्शियल गैस की किल्लत का फायदा उठाकर कई होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट संचालक घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और बैकलॉग लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि पूर्ति निरीक्षकों की टीमें पुलिस के साथ मिलकर रेस्टोरेंट्स, ढाबों और गोदामों में औचक चेकिंग करेंगी। किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करते पाए जाने पर सिलेंडर तत्काल जब्त कर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
डीएसओ ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 3 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल का प्रावधान है।
इसके साथ ही कालाबाजारी में शामिल गैस एजेंसियों के लाइसेंस भी निरस्त करने की सिफारिश की जाएगी।
पूर्ति विभाग ने साफ संदेश दिया है कि गैस संकट के बीच मुनाफाखोरी और कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाकर ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसा जाएगा।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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