केलाखेड़ा में अतिक्रमणकारियों पर चला बुलडोजर, दर्जनों दुकानदारों को रोजी-रोटी का संकट
केलाखेडा।उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अतिक्रमण की गई भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने को लेकर प्रशासन ने राजस्व, विद्युत ,स्वास्थ्य व शहरी विकास विभाग की संयुक्त टीम तहसीलदार बाजपुर व पुलिस क्षेत्राधिकारी बाजपुर के नेतृत्व में बनाकर केलाखेडा नगर में लगभग 50 दूकाने, तीन मकान व दो मजारो का धवस्तीकरण भी किया। अभियान के चलते विरोध होने की आंशका के चलते पी0एस0सी0 के साथ स्थानीय पुलिस भी भारी तादात में मौजूद रही। शाम ढलने तक प्रशासन ने रत्नामढैया व केलाखेडा में लगभग दो एकड भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर दिया था।
जानकारी अनुसार केलाखेडा नगर के मुख्य बाजार मार्ग के नदी की ओर खसरा नं0 132 व रकवा .430 हेक्टेयर भूमि वर्ग 6-1 जलमग्न भूमि तथा रत्ना मढैया वार्ड में खसरा नं0179 रकवा 0.278 हेक्टेयर वर्ग-6 भट्टा के रूप में राजस्व विभाग के अभिलेखो में दर्ज है जिस पर काफी वर्षो से अतिक्रमण कर लोगो ने अवैध कब्जा कर रखा था जिसके सन्दर्भ में उच्चन्यायाल्य के पालन के क्रम में नगर पंचायत केलाखेडा द्वारा अवैध अतिक्रमणकारियो को पूर्व में नोटिस देकर स्वंय अतिक्रमण हटाने के लिए आदेशित किया गया था परंतु अतिक्रमणकारियो द्वारा नोटिस की समयावधि पूर्ण होने पर भी अतिक्रमण नही हटाया गया।
जिसके चलते गुरूवार को प्रशासन ने तहसीलदार बाजपुर अक्षत भट्ट व क्षेत्राधिकारी बाजपुर भूपेन्द्र सिंह भण्डारी के नेतृत्व में राजस्व,विद्युत ,स्वास्थ्य व शहरी विकास विभाग की संयुक्त टीम बनाकर जेसीबी की मद्द से एक प्लाटून पीएससी के जवानो व केलाखेडा थानाध्यक्ष ललित मोहन रावल ने प्रातः 10 बजे से अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया जिसके चलते नगर में हलचल मच गई,भारी पुलिसबल के चलते लोग तमाशबीन बने प्रशासन की कार्यवाही को देखते रहे। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए लगभग 50 दूकानो व तीन मकानो के साथ दो मजारो को घ्वस्त कर दिया।
इन आसुंओ का कौन है जिम्मेदार?
केलाखेडा। रत्नामढैया वार्ड में अतिक्रमण कर बनाये गये आशियाने को टूटता देखकर गृहस्वामी व परिवार की महिलाओ के आसूं रूकने का नाम नही ले रहे थे। इसी बीच परिवार की दो बच्चीयां रोते-रोते बेसूध होकर जमीन पर गिर पडी जिनके तत्काल उपचार के लिए तहसीलदार अक्षत भट्ट द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाया गया। इन बहते हुए आसुओ का जिम्मेदार आखिर है कौन? जब अतिक्रमणकारियो द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा था तब तत्कालीन प्रशासन द्वारा इन्हे क्यो नही रोका गया।
पीएसी की गाड़ी पहुंचते ही मच गई हलचल
अवैध अतिक्रमणकारियो पर प्रशासन द्वारा दिये गये नोटिस का कोई असर नजर नही आ रहा था परंतु प्रातः जैसे ही पीएसी का वाहन पहुचा तो अतिक्रमणकारियो में हलचल मच गई। पीएसी को देख लोग स्वंय ही अपना-अपना सामान हटाने लगे।
पूर्व चेयरमेन प्रशासन से गुहार लगाते नजर आये
अतिक्रमण की कार्यवाही के दौरान स्थानीय नेताओ में दोनो पूर्व चेयरमेन हामिद अली व मौ शफी अंसारी ने तहसीलदार से वार्ता कर अतिक्रमणकारियो को कुछ समय देने की मांग की परंतु प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सख्त लहजे मे कहा कि यह उच्चन्यायालय के आदेशो के अनुपालन में कार्यवाही चल रही है इसमें किसी प्रकार की कोई समयावधि नही दी जा सकती। पूर्व में नोटिस के माध्यम से काफी समय दिया जा चुका है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान छिटपुट हुआ विरोध
केलाखेडा। मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ युवाओ द्वारा विरोध की भी कोशिश की गई पंरतु क्षेत्राधिकारी बाजपुर व थानाध्यक्ष केलाखेडा के सख्त रवैये के चलते किसी की दाल नही गल सकी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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