उत्तराखंड…1.43 किलो चरस तस्करी में 12 साल की सजा -अदालत ने दिखाई सख्ती
नैनीताल। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष एनडीपीएस न्यायालय के न्यायाधीश संजीव कुमार की अदालत ने चरस तस्करी के एक गंभीर मामले में अभियुक्त त्रिलोक सिंह चिलवाल को दोषी ठहराते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास और 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
यह मामला वर्ष 2018 का है। थाना भवाली पुलिस ने बद्रीपुरा, हल्द्वानी निवासी त्रिलोक सिंह चिलवाल को 1 किलो 430 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियुक्त की कम उम्र, छोटे बच्चे और बुजुर्ग पिता की जिम्मेदारी तथा पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास न होने का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग की।
वहीं राज्य की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) पूजा साह ने अदालत में दलील दी कि अभियुक्त व्यावसायिक मात्रा में चरस बेचने के उद्देश्य से लेकर आया था। उन्होंने इसे युवाओं और समाज के लिए बेहद गंभीर अपराध बताते हुए कड़ी सजा की मांग की।
अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि आरोपी के कब्जे से बरामद चरस की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी की है। ऐसे समाज विरोधी अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी न्यायोचित नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को 12 वर्ष के कठोर कारावास और 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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