uttarakhand-चमोली में बादल फटा, तमक नाला उफना -पुल बहा, बीआरओ कर्मचारी लापता

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चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार को बादल फटने से नीती घाटी में भारी तबाही की सूचना है। तेज बारिश के बाद तमक नाले में अचानक उफान आ गया, जिसकी चपेट में आने से नीती घाटी को जोड़ने वाला पुल बह गया। वहीं, बीआरओ के एक कर्मचारी के नाले में बहने की सूचना है। कर्मचारी का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। नाले के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बादल फटने के बाद कई लोग अभी भी अपने घरों में फंसे हुए हैं। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए जमीनी स्तर पर टीमें लगाई गई हैं।

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बारिश के कारण क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, जिससे राहत एवं बचाव अभियान में चुनौती आ सकती है। मौसम विभाग ने चमोली में आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

सहस्त्रधारा की तबाही के बाद चमोली में फिर आपदा

चमोली की यह घटना देहरादून के सहस्त्रधारा में चार दिन पहले हुई बादल फटने की घटना के बाद सामने आई है। सहस्त्रधारा में बादल फटने और भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ था। हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई थी। सड़कों के बहने के साथ कई घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हुई थीं, जबकि दो बड़े पुल भी नष्ट हो गए थे।

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टपकेश्वर मंदिर में घुसा कई फीट मलबा

सहस्त्रधारा में हुई भारी बारिश का असर देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में भी देखने को मिला। तमसा नदी में उफान आने के बाद मंदिर परिसर में पानी और भारी मात्रा में रेत-मलबा घुस गया। कई फीट तक मलबा जमा होने से शिवलिंग भी डूब गया और मंदिर की दीवारों में गहरी दरारें पड़ने की सूचना है।

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कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

लगातार बिगड़ते मौसम के बीच राज्य में कई क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को नुकसान का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।

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