उत्तराखंड…बरसात में सर्पदंश का बढ़ा खतरा –स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
अल्मोड़ा। वर्षा ऋतु में सर्पदंश और विषैले कीटों के काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में राष्ट्रीय सर्पदंश नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में बिना देरी अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सर्पदंश से बचाव के लिए घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, झाड़ियों और कचरे को हटाएं तथा चूहों की संख्या नियंत्रित रखें, क्योंकि चूहे सांपों को आकर्षित करते हैं। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करें और खेतों या पानी भरे क्षेत्रों में काम करते समय जूते व सुरक्षात्मक वस्त्र अवश्य पहनें। बच्चों को झाड़ियों, लकड़ियों के ढेर और सुनसान स्थानों पर खेलने से भी दूर रखें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं। पीड़ित को शांत रखें, उसे अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। इसके बाद बिना समय गंवाए उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, चीरा लगाना, विष चूसना, कसकर पट्टी बांधना या किसी भी तरह के घरेलू उपचार से बचना चाहिए। विभाग के अनुसार सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश के उपचार की व्यवस्था और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, पड़ोस तथा समुदाय को भी सर्पदंश से बचाव और सही उपचार की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचकर उचित उपचार कराना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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