उत्तराखंड…बारिश का कहर: भूस्खलन में जिंदा दफन हुईं 11 बकरियां- उफनाई नदियों ने बहाई पेयजल योजना
गरुड़ (बागेश्वर)। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। मौसम विभाग की भारी वर्षा की चेतावनी अब पूरी तरह सही साबित होती दिख रही है। शुक्रवार शाम हुई तेज बारिश के बाद गोमती और गरुड़ गंगा नदियां उफान पर आ गईं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। तैलीहाट स्वजल परियोजना के पाइप एक बार फिर तेज बहाव में बह गए, जिसके चलते गांव में पेयजल संकट गहरा गया है।
बारिश के बीच सुराग क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा भूस्खलन हुआ। इस आपदा में स्थानीय निवासी जानकी देवी को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। भूस्खलन के मलबे में उनकी 11 बकरियां जिंदा दब गईं, जो उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थीं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत एवं खोज अभियान शुरू किया, लेकिन अब तक केवल एक बकरी का शव ही बरामद किया जा सका है। बाकी बकरियों की तलाश जारी है।
बकरियों के नुकसान से जानकी देवी सदमे में हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पशुपालन ही उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत था और इस हादसे ने उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल राहत और उचित मुआवजे की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार निशा रानी ने बताया कि प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और नुकसान का आकलन करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में किसी अन्य बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
लगातार हो रही बारिश और बढ़ते भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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