अपणी सरकार पोर्टल से वन विभाग की 12 सेवाएं ऑनलाइन -निजी भूमि पर पेड़ कटान समेत 12 वन सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन
अल्मोड़ा। उत्तराखंड शासन की डिजिटल पहल ‘अपणी सरकार’ के तहत अब वन विभाग की 12 प्रमुख सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। सिविल एवं सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा के प्रभागीय वनाधिकारी ने जनसामान्य को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस व्यवस्था से नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और सेवाएं पारदर्शी तरीके से तय समय-सीमा में उपलब्ध हो सकेंगी।
वन विभाग के अनुसार ऑनलाइन की गई सेवाओं में निजी भूमि पर स्थित पेड़ों के पातन की अनुमति, वन उपज के अभिवहन पास, मानव–वन्यजीव संघर्ष से संबंधित सहायता, फसल एवं संपत्ति क्षति का मुआवजा, वृक्षारोपण से जुड़ी अनुमतियां समेत कुल 12 सेवाएं शामिल हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्रों में वृक्ष पातन की अनुमति के लिए आवेदन अब केवल ‘अपणी सरकार’ पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन के दौरान भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, पेड़ों के फोटो, प्रजाति का विवरण सहित सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। सत्यापन एवं जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में निर्णय जारी करेंगे। विभाग के अनुसार यह समय-सीमा 15 से 60 दिनों के बीच तय की गई है।
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चीड़, देवदार, साल और शीशम जैसी संरक्षित प्रजातियों के पातन पर नियमानुसार प्रतिबंध रहेगा। इन प्रजातियों के लिए अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में ही प्रदान की जाएगी। साथ ही पातित वृक्षों के प्रतिकार स्वरूप दोगुने पौधों का रोपण एवं प्रतिभूति राशि जमा करना अनिवार्य किया गया है।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करें और किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए विभाग की हेल्पलाइन 1926 पर संपर्क करें।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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