कुमाऊं में 2025: पहाड़ से मैदान तक सड़क हादसों ने दहलाया क्षेत्र
हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में सड़क हादसों के लिहाज से वर्ष 2025 बेहद चिंताजनक रहा। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी जिलों तक हुए हादसों में सालभर में 420 से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए। कई पीड़ितों को जीवनभर की अपंगता झेलनी पड़ी।
पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुमाऊं के छह जिलों—अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में वर्ष 2025 के दौरान कुल 635 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 420 मौतें, 513 गंभीर घायल और 23 से अधिक लोग अपाहिज हुए।
आबादी और यातायात दबाव के लिहाज से नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले सबसे अधिक प्रभावित रहे। इन दोनों जिलों में 397 से अधिक हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 263 से ज्यादा लोगों की जान गई।
हादसों के प्रमुख कारणों में तेज रफ्तार, खतरनाक ओवरटेक, ब्रेक फेल होना और वाहन का अनियंत्रित होना शामिल रहा।
आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
साल की शुरुआत में ही बड़ा बस हादसा
12 जनवरी 2025 को पौड़ी जिले के सत्याखाल मोटर मार्ग पर एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। सुबह करीब 4 बजे पौड़ी के लिए रवाना हुई बस 80 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें 6 यात्रियों की मौत और 22 लोग घायल हो गए थे। बस में सवार 28 यात्रियों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया था।
नशा और स्टंटबाजी भी बने हादसों की वजह
पिछले एक वर्ष में नशे में वाहन चलाने वाले 1304 लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की, जबकि 741 से अधिक स्टंटबाजों के चालान किए गए। पुलिस ने कई मामलों में युवाओं से माफीनामा वीडियो बनवाकर चेतावनी के साथ छोड़ा।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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