भीमताल, नौकुचियाताल और सातताल के संरक्षण-सौंदर्यीकरण की बनेगी बड़ी योजना, विकास भवन में मंथन
भीमताल। क्षेत्र की प्रसिद्ध झीलों भीमताल झील, नौकुचियाताल झील और सातताल झील के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर विकास भवन में व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय के निर्देश पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने झीलों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में वन विभाग, विकास प्राधिकरण, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, कृषि, उद्यान, पर्यटन, उरेडा, सिंचाई, नगर पालिका, जिला पंचायत और खंड विकास कार्यालय सहित दर्जन भर विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने झीलों के सौंदर्यीकरण के लिए कुमाऊँनी पारंपरिक शैली में उच्च स्तरीय योजना तैयार करने और झीलों की सुरक्षा के लिए ठोस प्रस्ताव बनाने की मांग उठाई।
बी.डी. पलड़िया ने भीमताल झील में जमी गाद और मिट्टी की शीघ्र निकासी कराने तथा झील में गिरने वाले नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ग्राफिक एरा कॉलेज की प्रतिनिधि डॉ. फरहा खान ने झीलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने, नियमित कूड़ा सफाई, झील किनारों पर मजबूत रेलिंग और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था करने की आवश्यकता बताई।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पंकज सूर्या ने सातताल क्षेत्र में नियमित सफाई के लिए वाहन और कर्मचारियों की तैनाती की मांग की, जबकि रमेश पलड़िया ने वन्यजीवों के बढ़ते खतरे से निजात दिलाने और ग्रामीण मार्गों पर सौर ऊर्जा आधारित लाइट लगाने का सुझाव दिया।
जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी ने उद्यान विभाग को झील किनारों, पार्कों और डैम क्षेत्र में फूलों और हरियाली से सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग, सिंचाई विभाग और नगर पालिका को झीलों में गिरे पेड़ों और लकड़ियों को हटाने तथा जमी गंदगी की सफाई के लिए अभियान चलाने को कहा। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को झील संरक्षण से जोड़कर उनका लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में कमल ताल और नल-दमयंती ताल के सौंदर्यीकरण पर भी चर्चा हुई। नगर पालिका और सिंचाई विभाग ने इन तालों के लिए योजनाओं पर कार्य चलने की जानकारी दी। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि झीलों से संबंधित प्रस्ताव और कार्ययोजना तैयार कर एक माह के भीतर विकास भवन को रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका राहुल कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी, सिंचाई विभाग के एसडीओ मनमोहन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी, बी.डी. पलड़िया, पंकज सूर्या, शुभम प्रधान, रमेश पलड़िया, महेंद्र धौनी सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
यह बैठक क्षेत्र की झीलों के संरक्षण, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ प्राकृतिक धरोहर भी सुरक्षित रह सकेगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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