51 कुंतल फूलों से सजा केदारनाथ धाम -जयघोषों के बीच पहुंची बाबा की डोली; आज खुलेंगे कपाट
रुद्रप्रयाग। हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम में भक्ति और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। मंदिर को इस वर्ष लगभग 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। बुधवार सुबह आठ बजे तय शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
कपाट खुलने के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी केदारनाथ पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहले ही धाम पहुंच चुके हैं और कपाट खुलने के साक्षी बनने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।
भव्य स्वागत के साथ धाम पहुंची बाबा की डोली
मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारपुरी पहुंची। ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई डोली ने लगभग 17 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय की। यह यात्रा जंगलचट्टी, रामबाड़ा, छोटे-बड़े लिनचोली और बेस कैंप होते हुए केदारनाथ धाम पहुंची।
मंदिर परिसर में पहुंचते ही हजारों श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोषों के साथ पुष्प वर्षा कर डोली का भव्य स्वागत किया। डोली ने मंदिर की परिक्रमा करने के बाद भंडार गृह में प्रवेश किया, जहां विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों और डमरू की गूंज से पूरा धाम शिवमय हो उठा। सुरक्षा के लिए पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं।
श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
राजस्थान के शेर सिंह, ऋषिकेश के सौरभ कालरा, देहरादून के ध्रुव, चमोली की पुष्पा बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट और पौड़ी की सोनाली नेगी सहित कई श्रद्धालुओं ने केदारनाथ यात्रा को लेकर गहरा उत्साह व्यक्त किया।
डंडी-कंडी मजदूरों का तेजी से हो रहा पंजीकरण
केदारनाथ यात्रा को देखते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में पंजीकरण प्रक्रिया तेज हो गई है। पिछले पांच दिनों में 1530 डंडी-कंडी मजदूरों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिला पंचायत प्रत्येक मजदूर से 654 रुपये शुल्क लेकर छह माह के लिए लाइसेंस जारी कर रही है। इसके साथ ही मालवाहक घोड़े-खच्चरों का मेडिकल परीक्षण और बीमा कराने के बाद उनके संचालकों को भी लाइसेंस दिए जा रहे हैं।
आज खुलेंगे तुंगनाथ मंदिर के कपाट
इसी क्रम में 22 अप्रैल को तुंगनाथ मंदिर के कपाट भी विधि-विधान के साथ सुबह 11 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने से पहले मंदिर को भी फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है।
मंगलवार सुबह भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान करने के बाद भगवान तुंगनाथ की डोली पाब जगपुड़ा गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने भगवान को अर्घ्य अर्पित किया। इसके बाद डोली चलिया खोड़ और बनियाकुंड होते हुए शाम को चोपता पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया।
कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ और तुंगनाथ की पवित्र यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा और आगामी महीनों में लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंचेंगे।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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