उत्तराखंड -धामी कैबिनेट के बड़े फैसले : पहाड़ में स्वैच्छिक चकबंदी लागू -होमस्टे के 8 कमरे मंजूर, मेडिकल कर्मियों को समान वेतन
देहरादून। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने से लेकर होमस्टे नियमों में ढील, मेडिकल कॉलेज कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन और ऊर्जा निगमों में बाहरी विशेषज्ञों की नियुक्ति जैसे कई बड़े फैसले किए गए।
कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का निर्णय लिया। प्रत्येक जिले में 10 गांवों को लक्ष्य बनाया जाएगा। इसके लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी और आपत्तियों के निस्तारण की व्यवस्था भी रहेगी।
राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए अब अभ्यर्थियों के लिए केवल कंप्यूटर ज्ञान ही नहीं, बल्कि 8000 की टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज संचालन का ज्ञान भी जरूरी किया गया है।
कैबिनेट ने सुगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर “परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान” करने को मंजूरी दी। वहीं सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली से संबंधित दो नए पद भी सृजित किए जाएंगे।
चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बड़े फैसले लेते हुए चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन किया गया है। पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का फैसला लिया गया। लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन के तहत 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद सृजित किए जाएंगे।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए 16 पदों को मंजूरी दी गई। साथ ही फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पद सृजित करने का भी निर्णय लिया गया।
लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन करते हुए डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी समाप्त कर दी गई है। अब विस्तृत डीपीआर की जगह प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी। वन स्वीकृति मिलने के बाद समय-सीमा भी तय की जाएगी।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत शैक्षिक नियमावली को मंजूरी दी गई, जिसमें मान्यता आवेदन, नवीनीकरण और मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया तय की गई है।
ग्रामीण निर्माण कार्यों के लिए पंचायतों को मिलने वाली राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन करते हुए अब होमस्टे में 6 के बजाय 8 कमरे तक की अनुमति दी गई है। संचालक का उसी परिसर में रहना अनिवार्य होगा और नवीनीकरण स्वतः हो जाएगा।
इसके अलावा उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई। यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में संशोधन कर “नियुक्त” शब्द हटाया गया है, जिससे अब बाहरी व्यक्ति भी निदेशक बन सकेंगे। कैबिनेट ने विधानसभा सत्र के सत्रावसान को भी मंजूरी प्रदान की।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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