गैस संकट की आशंका पर केंद्र सख्त, एलपीजी की जमाखोरी-कालाबाजारी रोकने को राज्यों को कड़े निर्देश

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच देश में एलपीजी की संभावित कमी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखने और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


बुधवार को गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में बताया गया कि आठ मार्च को जारी आदेश के तहत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

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बैठक में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, सूचना एवं प्रसारण और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों के सचिवों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल होटल और रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है, जबकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इससे छूट दी गई है।


गृह सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण पर लगातार नजर रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर जमाखोरी या कालाबाजारी न हो। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी नजर रखने को कहा गया है।

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मुख्य सचिवों को पुलिस और संबंधित विभागों से नियमित रिपोर्ट लेने और केंद्र के निर्देशों की जानकारी पुलिस तंत्र तक पहुंचाने को कहा गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखने, फर्जी खबरों को तुरंत हटाने और भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने की सलाह दी गई है।


स्थिति पर नजर रखने के लिए गृह मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नोडल अधिकारियों के साथ मिलकर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो तथ्यों की जांच कर राज्यों को तत्काल स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएगा।


भारत में हर साल करीब 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 87 प्रतिशत घरेलू क्षेत्र यानी घरों की रसोई में इस्तेमाल होता है, जबकि बाकी होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होता है। देश की कुल जरूरत का लगभग 62 प्रतिशत एलपीजी आयात से पूरा किया जाता है।

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इधर दिल्ली सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि राजधानी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने लोगों से संभावित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और गैस की चोरी या कालाबाजारी के मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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