बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 20 लाख की ठगी, साइबर गैंग का कारनामा

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हल्द्वानी। मुखानी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें साइबर अपराधियों ने 80 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को झांसे में लेकर तीन दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उनसे 20 लाख रुपये हड़प लिए। पूरा मामला ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी नई साइबर ठगी तकनीक का उदाहरण है, जिसका शिकार रिटायर्ड धन सिंह बिष्ट बने।

पीड़ित धन सिंह बिष्ट नरसिंह बाड़ी, बड़ी मुखानी पंचायत घर के पास अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। वे इफको बरेली से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी बेटी बेंगलुरु में रहती है।

कैसे फंसा बुजुर्ग ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में

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पीड़ित के अनुसार, 7 दिसंबर की सुबह उन्हें एक महिला का कॉल आया। उसने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच की अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके नाम से दिल्ली में फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिसमें भारी अनियमित लेन-देन हो रहा है।

इसके बाद उन्हें लगातार कभी ‘क्राइम ब्रांच’ तो कभी ‘सीबीआई’ के नाम से फर्जी वीडियो कॉल आने लगी। ठगों ने उन्हें यह कहते हुए डरा दिया कि मामला गंभीर है और वे किसी भी समय गिरफ्तार हो सकते हैं।

डर के माहौल में बुजुर्ग इतने सहम गए कि वे अपने घर में मौजूद पत्नी को भी कुछ नहीं बता सके।

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FD तुड़वाई, और दो दिन में 20 लाख उड़ा दिए

ठगों ने लगातार मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर पीड़ित को 8 दिसंबर को उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तुड़वाने के लिए मजबूर किया।

अगले ही दिन, यानी 9 दिसंबर को साइबर ठगों ने कुल 20 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

पूरे समय आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने किसी से बात की या कॉल काटी, तो दिल्ली पुलिस तुरंत उनके घर से गिरफ्तार कर लेगी। इस तरह बुजुर्ग को तीन दिनों तक मानसिक बंदी बनाकर रखा गया।

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पुलिस जांच शुरू

मुखानी थाना प्रभारी सुशील जोशी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत साइबर पुलिस थाना रुद्रपुर को भेज दी गई है।
साइबर टीम ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है, जिसमें कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और ठगों द्वारा उपयोग किए गए वीडियो-कॉलिंग प्लेटफ़ॉर्म की जांच की जा रही है।

पहले भी कई हुए शिकार

पुलिस के अनुसार, ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक तेजी से बढ़ता साइबर फ्रॉड है जिसमें अपराधी सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर पीड़ितों को मानसिक रूप से पंगु कर देते हैं और उनसे बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं।

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