पुरुष आयोग गठन की मांग तेज, विभिन्न संगठनों ने उठाई आवाज
अल्मोड़ा। उत्तराखंड सहित देशभर में लंबे समय से पुरुष आयोग के गठन की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार आवाज उठाई जा रही है। वर्ष 2024 से इस मांग को लेकर सोशल मीडिया के साथ-साथ हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की गई हैं।
संगठनों का आरोप है कि वर्तमान समय में महिलाओं द्वारा पुरुषों पर लगाए जा रहे झूठे दहेज, घरेलू हिंसा और तलाक से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे कई निर्दोष पति और बेटे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। अनेक मामलों में निर्दोष पुरुषों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और जेल तक का सामना करना पड़ रहा है।
रीठागाड़ी दगड़ियो संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने महिलाओं द्वारा दर्ज कराए जा रहे कथित झूठे दहेज एवं तलाक मामलों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से समाज में असंतुलन पैदा हो रहा है और निर्दोष परिवार बिखर रहे हैं। नेगी ने पुरुष आयोग की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे संगठनों को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में भी दहेज और तलाक से संबंधित मामलों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है, जिससे कई परिवार कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
इस मांग को लेकर अस्मिता सांस्कृतिक संगठन, ऑल इंडिया मेंस वेलफेयर एसोसिएशन, सेव इंडियन फैमिली फाउंडेशन सहित कई अन्य संगठनों ने देश स्तर पर पुरुष आयोग के गठन की पुरजोर मांग की है।
संगठनों ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने-अपने स्तर से इस मांग के समर्थन में आगे आएं, ताकि पीड़ित और निर्दोष पुरुषों को न्याय दिलाने के लिए जल्द से जल्द पुरुष आयोग का गठन किया जा सके।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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