उत्तराखंड -कम तेल, गोबर गैस और सोलर पर धामी सरकार का फोकस- अफसरों को 60 दिन की डेडलाइन
देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य, खेती और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार अब स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल की समीक्षा करेगी और उसके उपयोग को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को भी “कम तेल मेनू” अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती, जीरो बजट फार्मिंग और बायो-इनपुट्स का प्रशिक्षण देगी। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार मिशन मोड में काम करेगी। पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शनों का तेजी से विस्तार किया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर को भी बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज और ग्राम्य विकास विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा खनन, सौर और विद्युत परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी (एचपीसी) अब 60 दिनों के भीतर प्रस्तावों को मंजूरी देगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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