अल्मोड़ा में ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष पद पर विवाद -बिना चुनाव स्व-घोषित नियुक्ति का विरोध
✍️ सुमित मनराल
अल्मोड़ा। जनपद अल्मोड़ा में ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष पद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिले के कई ग्राम प्रधानों ने किसी व्यक्ति विशेष द्वारा स्वयं को जिलाध्यक्ष घोषित किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। प्रधानों का आरोप है कि यह नियुक्ति पूरी तरह असंवैधानिक है और इसमें लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
प्रधानों का कहना है कि जिलाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए न तो कोई आम सभा बुलाई गई और न ही जिले के विभिन्न विकासखंडों के ग्राम प्रधानों को इसकी सूचना दी गई। उनका आरोप है कि मुट्ठी भर लोगों को साथ लेकर गुपचुप तरीके से स्वयं को अध्यक्ष घोषित कर दिया गया, जो जिले के सैकड़ों निर्वाचित ग्राम प्रधानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
विरोध कर रहे प्रधानों ने कहा कि बिना बहुमत और बिना किसी वैधानिक चुनाव प्रक्रिया के किया गया यह दावा संगठन की साख को नुकसान पहुंचाने वाला है। उनका कहना है कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से चलता है और इसमें सभी प्रधानों की सहभागिता जरूरी है।
प्रधानों ने साफ तौर पर कहा कि वे इस “स्व-घोषित” कार्यकारिणी को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन और संगठन की प्रांतीय इकाई इस मामले में हस्तक्षेप करे और जल्द से जल्द सभी ग्राम प्रधानों की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से चुनाव कराया जाए।
इस दौरान कई ग्राम प्रधानों ने सामूहिक रूप से कहा,
“हम किसी भी प्रकार की तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठन सबकी सहमति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चलता है, न कि बंद कमरे में लिए गए फैसलों से।”
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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