अल्मोड़ा में फोरेंसिक जांच होगी और मजबूत -मेडिकल कॉलेज में लगेगी जीसीएमएस मशीन
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान के फोरेंसिक विभाग में जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत अब अपराध स्थलों से जुटाए गए साक्ष्यों जैसे जहर, ड्रग्स और विस्फोटक पदार्थों की जांच की सुविधा मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके लिए करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से जीसीएमएस (Gas Chromatography–Mass Spectrometry) मशीन स्थापित की जाएगी, जिसकी प्रक्रिया कॉलेज प्रशासन ने शुरू कर दी है। इसे फोरेंसिक जांच के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है और जीसीएमएस मशीन की स्थापना इसी दिशा में एक अहम पहल है। यह अत्याधुनिक मशीन विशेष रूप से उन मामलों में उपयोगी होगी, जहां जहर सेवन या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच करनी होती है।
इस मशीन के माध्यम से कीटनाशकों, पर्यावरणीय प्रदूषकों, ड्रग्स और अज्ञात रासायनिक तत्वों की सटीक पहचान संभव होगी। इससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने में फोरेंसिक विशेषज्ञों को काफी मदद मिलेगी।
अब तक इन जांचों के लिए लोगों को रुद्रपुर और देहरादून जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। मशीन स्थापित होने के बाद स्थानीय स्तर पर ही जांच संभव हो सकेगी, जिससे लोगों को महानगरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
साथ ही जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और रिपोर्ट भी कम समय में उपलब्ध हो सकेगी। इससे कानूनी मामलों के निस्तारण में भी गति आएगी और पीड़ित परिवारों को राहत मिलेगी।
फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रीत इंदर सिंह ने बताया कि जीसीएमएस मशीन स्थापित होने के बाद जांच सुविधाएं और बेहतर होंगी तथा रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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