ग्राफिक एरा और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर के बीच एमओयू, सैनिकों व उनके परिवारों को मिलेंगी असीमित छात्रवृत्तियां

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–ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट -अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के कौशल विकास पर भी रहेगा विशेष फोकस

रानीखेत, 21 अक्टूबर 2026। कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के सेवारत सैनिकों, अग्निवीरों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर, रानीखेत के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पांच वर्ष की अवधि वाले इस समझौते के तहत पात्र लाभार्थियों को असीमित छात्रवृत्तियां और ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

21 अक्टूबर को हुए इस समझौते पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) तबस्सुम नकवी और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ने हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य सैन्यकर्मियों और उनके आश्रितों को उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा रोजगारोन्मुखी कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) तबस्सुम नकवी ने कहा कि ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला के दूरदर्शी नेतृत्व में संस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र के लिए यह गर्व की बात है कि यहां ऐसा शैक्षणिक संस्थान मौजूद है, जो क्षेत्र के लोगों के लिए नए अवसर सृजित करने और उनके विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर के निदेशक, जो स्वयं भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी हैं, ने कहा कि यह पहल संस्थापक अध्यक्ष की कुमाऊं क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता और देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता को दर्शाती है। इसी भावना के तहत कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के सैनिकों तथा उनके परिवारों के लिए यह विशेष शैक्षणिक सहयोग शुरू किया गया है।

एआई, साइबर सिक्योरिटी और मैनेजमेंट सहित कई विषयों में शिक्षा के अवसर

एमओयू के तहत पात्र लाभार्थियों को सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों में प्रवेश के अवसर उपलब्ध होंगे। इन कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल और मैनेजमेंट जैसे रोजगारोन्मुखी विषय शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, व्यावसायिक दक्षता और करियर विकास के लिए तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

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अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के पुनर्वास व कौशल विकास पर जोर

इस साझेदारी में अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी शामिल है। इसका उद्देश्य उन्हें सैन्य सेवा के बाद नागरिक जीवन में नए करियर विकल्प तलाशने और रोजगार प्राप्त करने में सहायता करना है।

पूर्व सैनिकों के लिए ऐसे व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जाएगा, जो उनके गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने में सहायक हों। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए विकल्प विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सैनिक परिवारों के लिए आईटी और डिजिटल प्रशिक्षण

समझौते के तहत अग्निवीरों और सैनिकों के परिवारों के लिए प्रस्तावित आईटी एवं डिजिटल उत्पादकता कैडर भी साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल उत्पादकता से जुड़े विषयों का कक्षा में अध्ययन कराने के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रस्तावित संयुक्त प्रमाणन व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

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पात्र परिवारों को ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट

एमओयू का प्रमुख उद्देश्य सैन्य परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम करना है। इसके तहत पात्रता और निर्धारित श्रेणियों के अनुसार ट्यूशन फीस में छूट दी जाएगी, जो 100 प्रतिशत तक हो सकती है। इसके अतिरिक्त, समझौते की शर्तों के अधीन कुमाऊं रेजिमेंट द्वारा संचालित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षण कर्मचारियों के पात्र बच्चों को भी निर्धारित रियायतें प्रदान की जाएंगी।

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर की यह साझेदारी सैन्य समुदाय को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने, भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने और कुमाऊं क्षेत्र में रोजगार एवं विकास की नई संभावनाएं पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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