देवभूमि उत्तराखण्ड में TSCT की सशक्त शुरुआत -एक माह में सदस्यता 1000 पार
देवभूमि उत्तराखण्ड में टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) की औपचारिक और सशक्त शुरुआत हो चुकी है। शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने के उद्देश्य से TSCT उत्तराखण्ड का शुभारंभ 14 दिसम्बर 2025 को डायट रुड़की में विधिवत रूप से किया गया। कार्यक्रम में टीचर्स सेल्फ केयर टीम उत्तर प्रदेश के संस्थापक एवं अध्यक्ष विवेकानन्द जी, उत्तराखण्ड प्रभारी सुमन भटोनिया जी, प्रभारी विपुल मिश्रा जी, सहप्रभारी सुधीश पाराशरी जी व संजय सहगल जी, डायट प्राचार्य रुड़की मेहराज अहमद जी तथा आयोजक संजय वत्स जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इसके बाद 26 दिसम्बर 2025 को TSCT उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.tsctuk.com का लोकार्पण किया गया। महज एक माह की अवधि में ही संस्था की सदस्यता संख्या 1000 को पार कर चुकी है, जो संगठन के प्रति शिक्षकों के भरोसे और उत्साह को दर्शाती है। वर्तमान में सर्वाधिक 450 सदस्य अल्मोड़ा जनपद से जुड़े हैं, जिसका श्रेय TSCT टीम अल्मोड़ा को दिया जा रहा है।
TSCT (टीचर्स सेल्फ केयर टीम) का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत सदस्य की सेवा अवधि के दौरान गंभीर बीमारी या असामयिक निधन की स्थिति में उसके परिवार को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि अचानक उत्पन्न होने वाले आर्थिक संकट को कम किया जा सके। उल्लेखनीय है कि TSCT उत्तर प्रदेश में लगभग चार लाख सदस्यों के साथ कार्यरत है, जहां सदस्य के निधन पर नामिनी को 50 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसी मॉडल पर मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा के बाद अब उत्तराखण्ड में भी TSCT सक्रिय हो चुकी है।
अल्मोड़ा जनपद के चौखुटिया ब्लॉक से चन्दन बिष्ट, हरीश अधिकारी, जीवन मेहरा, ललित पाण्डेय, विपिन पाण्डेय और नासिर हुसैन ने इस पहल की शुरुआत करते हुए अन्य ब्लॉकों में भी संगठन का विस्तार किया। सल्ट ब्लॉक से पवन कुमार व घनश्याम तिवारी, स्याल्दे से दीप चन्द्र बलोदी, भिकियासैण से दिगपाल सिंह व प्रदीप सती, द्वाराहाट से दीपक मेहता व गिरीश मठपाल, ताड़ीखेत से किशोर जोशी, दिनेश भण्डारी व हरीश फुलोरिया, हवालबाग से जगदीश सिंह भण्डारी व यूनूस खान, ताकुला से कैलाश जोशी, भैसियाछाना से अनिल कुमार जोशी, धौलादेवी से मनोज कुमार व गिरिजा भूषण तथा लमगड़ा से कैलाश तिवारी व गणेश भण्डारी इस मुहिम को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
TSCT उत्तराखण्ड का यह प्रयास राज्य के शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में उभर रहा है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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