फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे बनी शिक्षिका, जांच में खुला राज तो सेवा समाप्त

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। सरकारी सेवा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति पाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र में तैनात एक सहायक अध्यापिका की सेवा समाप्त कर दी है। विभागीय जांच में उनके द्वारा प्रस्तुत अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र कूटरचित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  uttarakhand-चढ़ाई पर अनियंत्रित होकर पलटी खनिज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक की मौत


मामला डोईवाला क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम का है, जहां सहायक अध्यापिका सीमा देवी तैनात थीं। आरोप था कि उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षित श्रेणी का लाभ लेते हुए नौकरी हासिल की। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कराई।


जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों से प्रमाणपत्र की वैधता की पुष्टि कराई गई, जिसमें दस्तावेज फर्जी पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) स्तर से कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  बिग ब्रेकिंग : रक्षाबंधन से पहले रुड़की में खूनी खेल -दो सगी बहनों की गोली मारकर हत्या, जीजा गंभीर


अधिकारियों का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग और फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि इसी प्रकार की अन्य शिकायतें सामने आती हैं तो उनकी भी गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  मुकेश कुमार कोहली को पीएच.डी. की उपाधि


मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल ने कहा कि पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाई आवश्यक है।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119