Uknews-सल्ट में ‘आदमखोर’ बाघ का अंत : दो लोगों को बना चुका था शिकार -वन विभाग ने ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ा
अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र में पिछले दिनों दो लोगों को अपना निवाला बनाने वाले बाघ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ लिया। लंबे समय से दहशत का पर्याय बने इस बाघ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुण्डीर ने बताया कि मोहान वन प्रभाग की कुमेरिया बीट अंतर्गत ग्राम सभा तड़म तल्ला सल्ट क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के बाद वन विभाग द्वारा लगातार सघन रेस्क्यू, ट्रैकिंग और निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।
संयुक्त अभियान के तहत मंगलवार सुबह बाघ को सफलतापूर्वक ट्रैंक्यूलाइज कर रेस्क्यू किया गया।
ऑपरेशन को कॉर्बेट के सीनियर वाइल्डलाइफ वेटनरी डॉ. दुष्यंत ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। रेस्क्यू के बाद बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भेज दिया गया।
वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में कई दिनों से रात्रिकालीन गश्त, ट्रैकिंग और सर्च ऑपरेशन लगातार चलाए जा रहे थे। अभियान में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों की भी मदद ली गई।
बताया गया कि 3 मई 2026 को ग्राम सभा तड़म के पास बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने का प्रयास किया गया था, लेकिन घने जंगल और विषम परिस्थितियों के चलते सफलता नहीं मिल सकी।
इसके बाद अभियान को और तेज करते हुए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया।
वन विभाग ने क्षेत्र में जन-जागरूकता अभियान भी चलाया। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए पोस्टर और पंपलेट वितरित किए गए तथा जंगल में अकेले न जाने और अंधेरे में गैर जरूरी आवाजाही से बचने की अपील की गई।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीवों की गतिविधियां दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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