उत्तराखंड बनेगा मेडिकल एजुकेशन हब -पांच साल में शुरू हुए तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेज
–रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को जल्द मिल सकती हैं 100 एमबीबीएस सीटें, प्रदेश में कुल सीटों का आंकड़ा 1700 तक पहुंचने की उम्मीद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को मेडिकल एजुकेशन हब बनाने की दिशा में धामी सरकार के पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। वहीं, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में भी जल्द 100 एमबीबीएस सीटें आवंटित होने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई के अवसर बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के साथ ही अधिक से अधिक युवाओं को अपने ही राज्य में मेडिकल की पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने भी प्रयास तेज कर दिए हैं।
वर्तमान में प्रदेश के छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 675 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें देहरादून, हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा, हरिद्वार और पिथौरागढ़ के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार मेडिकल कॉलेज धामी सरकार के पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में शुरू हुए हैं।
इसके अलावा रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा हो चुका है। यहां 100 एमबीबीएस सीटें आवंटित होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीटों की कुल संख्या बढ़कर 775 हो जाएगी।
प्रदेश में चार निजी मेडिकल कॉलेजों में 900 एमबीबीएस सीटें और एम्स ऋषिकेश में 125 सीटें भी उपलब्ध हैं। इन सभी को मिलाकर उत्तराखंड में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या लगभग 1700 तक पहुंच रही है। इससे मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की क्षमता बढ़ने के साथ ही भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों का विवरण
- दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून — 150 सीटें
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी — 125 सीटें
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर — 150 सीटें
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा — 100 सीटें
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार — 100 सीटें
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़ — 50 सीटें
कुल सीटें: 675
निजी मेडिकल कॉलेजों में 900 सीटें
- हिमालयन इंस्टीट्यूट, जौलीग्रांट — 250 सीटें
- एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, देहरादून — 250 सीटें
- गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज, देहरादून — 150 सीटें
- ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट, देहरादून — 250 सीटें
इसके अतिरिक्त एम्स ऋषिकेश में एमबीबीएस की 125 सीटें उपलब्ध हैं।
वैश्विक पहचान बनाएगा उत्तराखंड: डॉ. सयाना
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में उत्तराखंड डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के रूप में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करना संकल्प: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है। प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना सरकार का संकल्प है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही योग्य डॉक्टर तैयार हो सकें और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान केवल मेडिकल शिक्षा के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना भी प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड को इस क्षेत्र में नई पहचान मिले।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com



तंत्र-मंत्र और वशीकरण के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार -100 से अधिक लोगों को शिकार बनाने का शक
UK-मां और दो नाबालिग बेटियों ने खाया कीटनाशक -हालत गंभीर होने पर हल्द्वानी रेफर