अलग राज्य के 25 साल बाद भी पतलचौरा सड़क से वंचित, गर्भवती और बुजुर्ग आज भी डोली के सहारे

खबर शेयर करें 👉

अल्मोड़ा। उत्तराखंड को अलग राज्य बने ढाई दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अल्मोड़ा जिले के विकासखंड भैंसियाछाना अंतर्गत पतलचौरा गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। कनारीछीना–बिनूक–पतलचौरा मोटर मार्ग को मंजूरी मिले छह वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।


साल 2020 में तत्कालीन विधायक रघुनाथ सिंह चौहान के प्रयासों से इस सड़क को स्वीकृति मिली थी। सर्वे, अर्थ टेस्टिंग और वन विभाग से एनओसी जैसी तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी कार्य जमीन पर नहीं उतर सका। नतीजा यह है कि ग्रामीण आज भी बदहाल हालात में जीवन जीने को मजबूर हैं।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...नशा मुक्ति केंद्र ले जाने पहुंची टीम पर कृपाण से हमला -एक की मौत, आरोपी गिरफ्तार


ग्रामीणों के अनुसार सड़क के अभाव में दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई और दो किलोमीटर की खतरनाक ढलान पार कर गर्भवती महिलाओं, बीमार और बुजुर्गों को डोली व खच्चरों के सहारे कनारीछीना के निकटवर्ती अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। कई बार यह सफर जानलेवा साबित हो सकता है।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  रामपुर रोड में तेज रफ्तार का कहर : पूर्व सैनिक की सड़क हादसे में मौत, ट्रक चालक फरार


बालम सिंह बानी ने बताया कि पतलचौरा और चिमचुवा गांव अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र हैं। सरकार एक ओर अनुसूचित जाति वर्ग के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर अलग राज्य बनने के बाद भी इन गांवों को बुनियादी सुविधा—सड़क—नसीब नहीं हो पाई।

फ़ास्ट न्यूज़ 👉  उत्तराखंड...एलपीजी गैस रिसाव से रेस्टोरेंट में भीषण आग --लाखों का सामान जलकर राख, बड़ा हादसा टला


ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि उन्हें भी सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सके।

ADVERTISEMENTS

Ad Ad
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119