हर 15 दिन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की होगी समीक्षा -एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन ईंधनों की कीमतों की हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भी बड़ी कटौती करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है।
कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार, घबराने की जरूरत नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने बताया कि एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है तथा प्रतिदिन 10 हजार से अधिक नए गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। प्रशासन को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रहीं
पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात का उल्लेख करते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। हाल के सप्ताहों में जो वाणिज्यिक आपूर्ति बाधित हुई थी, उसे अब लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है।
एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती
सरकार के फैसले के अनुसार पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 21.90 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 11.09 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह 17.8 रुपये से घटाकर 7.8 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वर्तमान क्रैक कीमतों के आधार पर पेट्रोल पर शुल्क शून्य रखा गया है, जबकि डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) और उपकर लागू किया गया है।
हर पखवाड़े होगी समीक्षा
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश में पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता को प्राथमिकता देना है। चूंकि वैश्विक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं, इसलिए अब हर 15 दिन में स्थिति की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से सरकार को प्रत्येक पखवाड़े लगभग 1500 करोड़ रुपये के राजस्व लाभ का अनुमान है।
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संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
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