साइबर ठगों पर तकनीकी शिकंजा, बजट में 15 करोड़ का प्रावधान -डार्क वेब तक ट्रैक करेगी पुलिस
हल्द्वानी। डिजिटल युग में लोगों को ठगने वालों पर अब तकनीकी चाबुक चलाया जाएगा। राज्य में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इस बार बजट में 15 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। यह राशि साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने, आधुनिक उपकरणों की खरीद और एसटीएफ को हाईटेक प्रशिक्षण देने पर खर्च की जाएगी।
पिछले एक साल के आंकड़े बताते हैं कि साइबर अपराध प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। बीते वर्ष साइबर ठगों ने राज्य के करीब 15 हजार से अधिक लोगों को निशाना बनाया और उनके खातों से 95 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हड़प ली।
सरकार अब साइबर अपराधियों का व्यापक डेटाबेस तैयार कर रही है। इसके साथ ही सरकारी और निजी महत्वपूर्ण सूचनाओं की सुरक्षा के लिए डेटा सेंटर को मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन से लैस किया जाएगा, जिससे संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फंड का बड़ा हिस्सा एसटीएफ और साइबर सेल के तकनीकी प्रशिक्षण पर खर्च होगा। पुलिस बल को ऐसे उन्नत सॉफ्टवेयर और टूल्स से लैस किया जाएगा, जिनकी मदद से डार्क वेब और जटिल ट्रांजेक्शन ट्रेल को भी ट्रैक किया जा सकेगा।
प्रभारी सीओ साइबर सुमित पांडे ने बताया कि बजट में साइबर सिक्योरिटी के लिए किए गए प्रावधान से अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। एसटीएफ को भी विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे साइबर ठगी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
ADVERTISEMENTS
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
👉 फ़ास्ट न्यूज़ के फ़ेसबुक पेज़ को लाइक करें
👉 कृपया नवीनतम समाचारों से अवगत कराएं WhatsApp 9412034119
संपादक – फास्ट न्यूज़ उत्तराखण्ड
www.fastnewsuttarakhand.com

उत्तराखंड…पंखे में उतरे करंट से आठवीं के छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम